Agra News : एसीकॉन में सर्जन्स के महाकुम्भ का राधा-कृष्ण की भक्ति लीला मंचन के साथ हुआ आगाज़

-अनुवांशिक और हार्मोन के कारण बढ़ रहा स्तन कैंसर 

-119 लोगों में से आगरा के 10 सर्जन्स को प्रदान की गई एएसआई की फैलोशिप

मनोहर समाचार, आगरा। एसीकॉन-2024 महाकुम्भ में ब्रज की संस्कृति से सर्जन्स को रूबरू कराने के लिए भगवान श्रीकृष्ण और राधा की भक्ति का मंचन किया गया। जिसमें कलाकारों ने चारों धामों से निराला ब्रज धाम... गीत पर शानदार प्रस्तुति दी। वृंदावन के कलाकारों की मंडली ने ब्रज धाम कर लो दर्शन....गीत पर  राधा-कृष्ण के प्रेम का मंचन करते हुए चिकित्सकों को भावविभोर कर दिया। गोकुल में कुछ अपने मित्रों के साथ मिल कर माखन चुराने से लेकर गोपियों को तरह तरह से परेशान करने आदि का जीवंत मंचन किया। राधा और कृष्ण की भक्ति लीलाओं को बड़ी ही सुंदर ढंग से कलाकारों ने प्रस्तुत किया। जिसे देशी-विदेशी चिकित्सक अपने कैमरे मे सहजते और सेल्फी लेते नज़र आए। इस दौरान कई चिकित्सको ने कलाकारों के साथ नृत्य भी किया और कलाकारों के साथ जमकर सेल्फी ली।

ब्रज की थीम पर बनाए कई सेल्फी पोंट्स

एसीकॉन- 2024 मे आने वाले देशी-विदेशी सर्जन्स के लिए आयोजको द्वारा ब्रज और मुगलिया शैली पर कई सेल्फी पॉइंट तैयार किय गए। जिस पर सर्जन्स ने खूब सेल्फी ली। महाकुम्भ मे श्रीराम मंदिर,  कमल का पुष्प, आई लव आगरा, फूलो के आकर्षक सेल्फी पॉइंट बनाए गए। जिस पर हर वर्ग के सर्जन्स ने सेल्फी लेकर महाकुम्भ के पलो को कैमरे मे कैद किया। इस दौरान चिकित्सक सेल्फी लेते हुए काफी उत्साहित भी दिखाई दिए। वही चिकित्सक के रजिस्ट्रेशन काउंटर को ताजमहल की नक्काशी की तर्ज पर तैयार किया गया। जिसे सर्जन्स ने काफी बारीकी से निहारा और सेल्फी ली।

लाला किला द्वार थीम पर ढोल-नगाड़ों से सर्जन्स का हुआ स्वागत

देश-विदेश से सर्जन्स महाकुम्भ में आने वाले चिकित्सको का जेपी होटल के द्वार को लाल किला की थीम पर तैयार किया गया। जहां मुगलकालीन स्वागत शैली ढोल-नगाड़ों ओर शहनाई की धुन के साथ सर्जन्स का स्वागत किया गया। मुगलिया संस्कृति की स्वागत शैली पर एसीकॉन में आने वाले सर्जन्स सेल्फी लेते भी नज़र आए। इस दौरान कई चिकित्सक ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमते हुए भी दिखे। सुबह से ही चिकित्सकों का होटल पहुंचना शुरु हो गया था। इस दौरान उन्होंने कॉन्फ्रेंस मे विभिन्न सत्रों मे हिस्सा लिया। देर रात तक महाकुम्भ मे चिकित्सकों का जमावाड़ा रहा।

अनुवांशिक और हार्मोन के कारण बढ़ रहा स्तन कैंसर 

एसएमएस जयपुर की डॉ. प्रभा ओम ने बताया कि स्तन कैंसर के केस बढ़ने लगे हैं, जिन महिलाओं को स्तन कैंसर होता है उनकी बेटी को 10 से 12 वर्ष की आयु में स्तन कैंसर हो सकता है। 12 से 18 वर्ष की आयु में भी स्तन कैंसर के केस मिल रहे हैं। प्रारंभिक अवस्था में सर्जरी करते समय पूरा स्तन नहीं हटाया जाता है कैंसर वाले हिस्से को अलग किया जाता है। 10 प्रतिशत महिलाओं में कैंसर का कारण अधिक उम्र में शादी है। इसके साथ ही महिलाओं में पित्त की थैली की पथरी, टीबी और थाइरायड की सर्जरी की जा रही है। 

हर्निया और पित्ताशय की सर्जरी ज्यादा 

डा. संदीप कुमार, पूर्व निदेशक एम्स भोपाल ने बताया कि एक हजार में दो लोगों को हर्निया की समस्या हो रही है तो खान पान, परिश्रम ना करने से पित्तयाशय की पथरी की समस्या बढ़ गई है। इसके साथ ही गुदा द्वार की समस्या तेजी से बढ़ी हैं। फिशर, पाइल्स और फिस्टुला की सर्जरी लेजर से की जा रही है। क्षार सूत्र के माध्यम से भी फिस्टुला का इलाज होने लगा है। 

रोबोटिक सर्जरी सस्ती करने की जरूरत 

डा. जी सिद्धेश, डायरेक्टर एकेडमिक काउंसिल एएसआई ने बताया कि कैंसर, थायराइड में रोबोटिक सर्जरी के अच्छे रिजल्ट हैं लेकिन रोबोटिक सर्जरी दूरबीन विधि और ओपन सर्जरी से 10 गुना महंगी है, रोबोट महंगे हैं। सर्जरी के लिए इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल सामान भी महंगा है। एएसआइ की कार्यशाला में इस पर भी चर्चा की जा रही है। जिससे आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी आगे बढ़ सके। रोबोट से की जा रही पेट की सर्जरी गुरुराम राय मेडिकल कालेज, देहरादून के डॉ. जेपी शर्मा ने बताया कि मेटाबोलिक डिसआर्डर की सर्जरी रोबोट से की जा रही है। मोटापा कम करने के लिए पेट की सर्जरी भी रोबोट से हो रही है।

एसीकॉन में विभिन्न शहरों से लाइव टेलीकॉस्ट की गईं 24 सर्जरी

एसीकॉन 2024 का होटल जेपी में उद्घाटन, 8 हजार से धिक सर्जन्स ले रहे भाग, 300 से धिक शोध पत्र किए जाएंगे प्रस्तुत

आगरा में आयोजित पांच दिवसीय देश विदेश के सर्जन्स के महाकुम्भ एसीकॉन (एसोसेशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के वार्षिक सम्मेलन) में आज दूसरे दिन विभिन्न शहरों से की गई 24 से अधिक जटिल सर्जरी का आयोजन स्थल होटल जेपी पैलेस में लाइव टेलीकॉस्ट किया गया। जिसमें देश-विदेश के चिकित्सकों ने लाइव सेशन के जरिए लिवर, गाल ब्लेंडर, यूट्रस, फिशर, फ्रुस्टला, कैंसर, अपेंडिक्स, थायराइड जैसी गंभीर बीमारियों की सर्जरी की बारीकिया गहनता से सीखी। लाइव टेलीकास्ट सेशन मे मुज़फ्फरनगर के वर्धमान हॉस्पिटल से डॉ. नूतन जैन ने लेप्रोस्कोपी के जरिए गाल ब्लेंडर, यूट्रस सर्जरी, शहर के पुष्पांजलि हॉस्पिटल से डॉ. एसडी मोर्या ने सीबीडी एक्सप्लरेशन, नई दिल्ली एम्स के डॉ. वीके बंसल और कृष्णा ने हेर्निया, गैस्ट्रोस्टोमी सर्जरी के अलावा मुम्बई, मुरादाबाद, कोयम्बटूर आदि शहरों से चिकित्सा क्षेत्र के नवांकुरों को प्रशिक्षित किया। 12 दिसम्बर को साइटिफिक सेशन के साथ 300 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। 

119 लोगों में से आगरा के 10 सर्जन्स को प्रदान की गई एएसआई की फैलोशिप

फैलोशिप ऑफ एसोसिएशन सर्जन्स ऑफ इंडिया कार्यक्रम के तहत आज एसीकॉन-2024 में देश विदेश के 119 सर्जन्स को एएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रोबल नियोगी द्वारा फैलोशिप प्रदान की गई। जिसमें आगरा के 10 सर्जन्स शामिल थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से एएसआई के प्रसीडेंट इलेक्ट प्रवीन सूर्यवंशी, मुख्य अतिथि प्रो. एमसी मिश्रा थे। संचालन डॉ. अमित श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सचिव प्रताप वारूते, एकेडमिक कन्वेनर जी सिद्धेश, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. ज्ञानप्रकाश सचिव डॉ. समीर कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. मयंक जैन, अनग उपाध्याय, डॉ. राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।



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