AGRA : बड़ो नटखट है तेरो लाल यशोदा इसको सम्भाल
-श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन आगरा। यशोदा मैया का दुलार और कुन्हैया की शरारतें। गोपियों का प्रेम से परिपूर्ण उलाहना और महादेव का श्रीहरि के दर्शन को गोकुल आना। कन्हैया की बाल लीलाओं की कथा सुन सभी श्रद्धालू भक्ति के सरोबर में ऐसे डूबे मानों गोकुल और वृन्दावन धाम पहुंच गए। श्रहरि सत्संग समिति द्वारा विजय नगर स्तित स्पोर्टबज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने आज कन्हैया की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कन्हैया से क्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि सबी भगवानों में सिर्फ कन्हैया हैं, जिनके हाथ में कोई शस्त्र नहीं बल्कि मुस्कान भरे अधरों पर बासुरी विराजती है। जिसके बेफिक्र चेहरे पर मस्ती है। कन्हैया ने ब्रज में कबी शस्त्र नहीं उठाया, परन्तु जरूरत पड़ने पर श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में शस्त्र दारण किया। बांसुरी बजाता कृष्ण कन्हैया, मुरलीधारी वृन्दावन विहारी कन्हैया का माधुर्य स्वरूप है। जबकि द्वारिका में श्रीकृष्ण एश्वर्य स्वरूप हैं...