AGRA : महामायी के महायज्ञ में गूंजे सियाराम व राधा-कृष्ण के जयकारे
-मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में दूर दराज से श्रद्धालु आ रहे आहूति देनें
-श्रीमद्भागवत कथा व रासलीला का भी हो रहा आयोजन
आगरा। महामायी कामाख्या देवी के 108 कुण्डीय महायज्ञ में सियाराम व राधा-कृष्ण के जयकारे भी गूंज रहे हैं। भक्ति के विभिन्न रंगों से सजे महायज्ञ में श्रद्धालू श्रीमद्भागवत कथा व महारास का भी आनन्द ले रहे हैं। हर रोज हजारों श्रद्धालु महायज्ञ में भाग लेने के साथ भागवत कथा का भी श्रवण कर रहे हैं। कथा वाचक संजय शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा में राजा परिक्षित व शुकदेव के साथ कलयुग में हरि भजन की महिमा व सति चरित्र का वर्णन किया।
सुनारी स्थित महायज्ञ स्थल पर कथा वाचक संजय शास्त्री ने बताया कि "जीवन का उद्धार करने के लिए कलयुग में श्रीहरि का भजन वह औषधि है, जिसके लिए धन खर्च नहीं करना पड़ता।" कलयुग केवल नाम आधारा, सुमिर सुमिर कर उतरे भारा..., भजन की व्याख्या करते हुए कहा कि "कलयुग में भगवना का भजन जपने मात्र से ही भक्त का उद्धार हो जाता है। बशर्ते कथा सुनने की मात्र औपचारिकता करने के बजाय उसे आत्मसात और अमल करें। भगवान के सामने हर व्यक्ति समान है चाहें वह राजा हो सामान्य व्यक्ति। भगवान यदि किसी के वश में है तो वह सिर्फ भक्त और उसकी भक्ति है। कहा कि बड़े बनों मगर एक फलदान वृक्ष की तरह जो सभी के काम आता है। खजूर के पेड़ की तरह बड़ा मत बनो।"
श्रीमद्भागवत कथा में आसाम कामाख्या मंदिर के संतश्रीमहन्त गोपालदास जी महाराज भी उपस्थित रहे। वहीं मां कामाख्या सहस्त्र चण्डी 108 कुण्डीय महायज्ञ में प्रतिदिन 108 दुर्गासप्तशति का पाठ किया जा रहा है। इसके साथ गायत्री मंत्र, श्रीगणेश, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, मां कामाख्या के मंत्रों के प्रतिदिन जाप से वातावरण में एक अनूखी आभा का विस्तार हो रहा है। संत स्वामी श्री कीर्तिनाथ जी महाराज जी ने बताया "महामायी का महाकुम्भ चल रहा है। ब्रज क्षेत्र के श्रद्धालुओं को महामायी ने अपना आंचल व गोद प्रदान की है। अपनी मनोकामना के लिए हर श्रद्धालु एक आहूति अवश्य करें।"
संध्या काल में महायज्ञ स्थल पर वृन्दावन की बृजकला आदर्श रामकृष्ण लीला संस्थान द्वारा रासलीला का मंचन किया गया। जिसमें मयूर नृत्य व महारास देख हर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठा। श्रीकृष्ण के जन्म कथा का मंचन किया गया। जिसमें भक्तों को खूब उपहार लुटाए गए। महारास प्रह्लाद शर्मा के निर्देशन में किया गया।




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