Amarkantak : महामंडलेश्वर स्वामी श्री हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज जी ने 'नमामि देवि नर्मदे' पुस्तक का किया लोकार्पण
मनोहर समाचार, अमरकंटक। नर्मदा तट की पावन वादियों में स्थित श्री मृत्युंजय आश्रम एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना और साहित्यिक साधना का केंद्र बन गया, जब पूज्य महामंडलेश्वर, दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष, स्वामी श्री हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज के करकमलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय साझा काव्य संकलन ‘नमामि देवि नर्मदे’ का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। इस अवसर पर वातावरण भक्ति, श्रद्धा और साहित्यिक ऊर्जाओं से ओतप्रोत था। कार्यक्रम में देशभर से आए संत, साहित्यकार और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आध्यात्मिक-सांस्कृतिक क्षण को साक्षी भाव से अनुभव किया। साहित्य आत्मा का प्रकाश-स्वामी हरिहरानंद सरस्वती अपने प्रेरक उद्बोधन में पूज्य महाराज श्री ने कहा कि "ऐसे काव्य संकलन केवल शब्दों का समूह नहीं होते, बल्कि यह हमारी आध्यात्मिक चेतना और दिव्य ऊर्जा के वाहक होते हैं।" उन्होंने कहा “साहित्य वह दीप है जो मानव जीवन के अंधकार को दूर कर सन्मार्ग की ओर ले जाता है। यह नश्वर संसार भले ही परिवर्तनशील हो, किंतु साहित्यिक ग्रंथ सदैव अमर रहते हैं और युगों-युगों तक मार्गदर्शन करते हैं।” उन्होंने ‘न...