AGRA : पशु क्रूरता के मामले में आरडब्ल्यूएएस की मनमानी के खिलाफ एकजुट होंगे पशु प्रेमी संगठन
-कैस्पर्स होम द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर पशु प्रेमियों ने बयां की अपनी पीड़ा
-नगर निगम से सभी डॉग्स के रजिस्ट्रेशन व चिप लगाने की मांग
आगरा। पशु प्रेमियों ने शहर की वेलफेयर सोसायटियों में पशुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार लिए एकजुट होने का संक्लप लिया है। जिसमें कैस्पर्स होम, पीएफए, एसओएस सहित शहर के एनिमल एक्टीविस्ट नगर निगम व एसपीसीए के सहयोग से एक कमेटी का गठन करेंगे। जिससे सोसायटियों में शिकायत मिलने पर एकचुट होकर कार्यवाही कर सकें। अकेले कार्यवाही करने पर सोसायटी के लोग अपनी मनमानी और विरोध करते हैं। पुलिस का भी सहयोग नहीं मिलता।
खंदारी स्थित कैस्पर्स होम के कार्यालय में आज विभिन्न संगठनों ने बैठक आयोजित कर यह निर्णय लिया। कैस्पर्स होम की विनीता अरोड़ा ने बताया कि कहा कि लाखों की कीमत देकर खरीदे गए डॉग जब बूड़े हो जाते हैं तो उन्हें सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। सोसायटियों में स्वस्थ स्ट्रीट डॉग को बेवजह रीलोकेट किया जा रहा है। एनीमल लवर को स्ट्रीट एनीमल को खाना देने से रोका जाता है। उन्होंने शमशाबाद रोड स्थित मारुति सोसायटी सहित कई उदाहरण दिए जहां शिकायत मिलने पर मदद के लिए पहुंचने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। इसके लिए नगर निगम को सभी डॉग का पंजीकरण व चिप लगाना अनिवार्य कर देना चाहिए। जिसमें महज 500 रुपए तक का खर्चा आता है।
एनीमल एक्टीविस्ट गीता भाटिया ने कहा कि हेल्दी डॉग्स को रीलोकेट नहीं करना चाहिए। जनता को इसमें विरोध नहीं सहयोग करना चाहिए। डॉ. संजीव नेहरू ने बताया कि स्ट्रीट डॉग के भी कई फायदे हैं। नगर निगम व संस्थाओं के काम को रोको मत, सहयोग करें। जो स्ट्रीट डॉग एग्रेसिव होते हैं, उसके पीछे की बजह हो सकती है।
पीएफए की दीप्ति उपाध्याय ने कहा कि "पशुओं को भी जीने दें। पालतू डॉग्स के साथ क्रूरता न करें। जिसका जो नेटिव प्लेस है उसे वहीं रहने दें। किसी के साथ बर्बरता न करें। हर कोई बस यही चाहते हैं डॉग्स हटा दो, भरकर कहीं फेंक दो। क्या मनुष्य को ही सुख से रहने का अधिकार है। नगर निगम नसबंदी कर रहा है, उसके बावजूद स्ट्रीट डॉग्स को रीलोकेट किया जा रहा है। जिससे वेलफेयर सोसायटी द्वारा मानसिक उत्पीड़न रोका जा सके और सुरक्षा मिल सके।"
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. गीता भाटिया, डॉ. संजीव नेहरू, दीप्ति उपाध्याय, रूही, किरन सेतिया, मोनिका मखीजा, शांतनु बंसल, ऋषभ सक्सेना, अंकित शर्मा, अमित सिंह, आयूष कुलश्रेष्ठ, कलिका कपूर, डॉ. पेनी कपूर आदि उपस्थित रहे।



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