AGRA : सत्ता की मंत्री पर लगे गंभीर आरोप
-मधुसूदन मोटर्स व मधुसूदन व्हीकल्स का है मामला, पूर्व राज्यपाल व कैबिनेट मंत्री की छत्रछाया में कव्जा लिया गया पूरा व्यापार, नहीं मिल पा रहा पीडित पक्ष को न्याय
-पीड़ित पक्ष की नहीं लिखी कोई एफआईआर, कोर्ट से कई एफआईआर कराई गईं, सभी पर चंद महीनों में लगा देते हैं एफआर
-सत्ता पक्ष के सहयोग से 2020 से कराई चार एफआईआर, किसी पर नहीं लगी एफआर, पीडित पक्ष के सभी कर्मचारियों को भी किया गया नामजद, कोर्ट बार-बार एफआर को कर रहा निरस्त
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया जांच कर न्याय का आश्वासन, अब पीडित पक्ष को सता रहा जान का खतरा
आगरा। आगरा में सत्ताधारी नेता का अजब खेल चल रहा है। व्यापारियों को क्रिमिनल बनाने का। मधुसूदन मोटर्स में रविशंकर व रमाशंकर संस्थापक निदेशक है, जिन्हें आजीवन निदेशक रहने का अधिकार है। इसी तरह मधुसूदन व्हीकल्स में दोनों भाईयों के बेटों रचित अग्रवाल व दीपेन्द्र शंकर संस्थापक निदेशक थे। परन्तु पूर्व मेयर, राज्यपाल व वर्तमान कैबिनेट मंत्री व उनके बेटे के संरक्षण में छोटे भाई रमाशंकर व उनके बेटों रचित व अनुराग ने धक्के देकर शोरूम से बाहर कर दिया और दो व्यवसायिक संस्थानों पर कब्जा करवा दिया और हीरो मोटरसाइकिल की डीलरशिप पर षड़यंत्र से योजनाबद्ध तरीके से मंत्री के पति व बेटे ने अपने नाम करवा ली। 2020 से चल रहे इस षड़तंत्र के तहत रविशंकर व उनके बेटे दीपेन्द्र पर चार एफआईआर की गई। जब पीड़ित पक्ष ने साक्ष्यों के साथ क्रास एफआईआर कराने का प्रयास किया तो किसी थाने में सुनवाई नहीं की गई। आज कम्पनी के मालिक न्याय के लिए भटक रहे हैं और बेबीरानी मौर्य के परिवारीजन शोरूम के मालिक बने बैठे हैं।
पीड़ित पक्ष ने कोर्ट के माध्यम से कई एफआईआर करवाई, लेकिन सत्ता के प्रभाव में सभी चंद माह में एफआर लगा दी जाती है। तब से पीड़ित पक्ष न्याय के लिए भटक रहा है, लेकिन पुलिस दबे शब्दों में उनसे किसी तरह का सहयोग न करने की बात कहकर लौटा देती है। अंत में पीड़ित पक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले, जहां उन्हें जांच कराकर न्याय का आश्वासन दिया गया। परन्तु अब अलग-अलग माध्यम से पीड़ित पक्ष को धमकाया जा रहा है।
रविशंकर जी ने आज संजय प्लेस स्थित अपने कार्यालय पर प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि उन्हें अपने, बेटे सहित पूरे परिवार की जान का खतरा है। हमें एक व्यापारी से क्रिमिनल बना दिया गया। जबकि हम एक सामान्य व्यापारी हैं, जो हर वर्ष लाखों का टैक्स देते हैं। परिवार ने पहले हमारे परिवार में फूट, डलवायी फिर सत्ता के दबाव में पारीवारिक मामले को क्रिमिनल मामला बनाकर लाभ कमा रहे हैं। हम सभी साक्ष्य उपबल्ध कराते हुए मीडिया से न्याय दिवलाने के लिए सहयोग की अपेक्षा करते हैं।


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