Haridwar : बच्चों में भारतीय संस्कृति व नैतिक मूल्यों की जिम्मेदारी का निर्वाहन करेगा पतंजलि संगठन

मनोहर समाचार, हरिद्वार। भारत सरकार ने भारतीय शिक्षा बोर्ड जो कि बच्चों में भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के बीज आरोपित करते हुए भारत को भारतीय मूल्यों और संस्कृति के द्वारा पुनः विश्व गुरु बनाने की जिम्मेदारी बाबा रामदेव जी के पतंजलि संगठन के द्वारा ली गई है।

इसी के संदर्भ में एक भारत की शिक्षा द्वारा आमूल-चूल परिवर्तन के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष व सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी एनपी सिंह द्वारा स्वामी रामदेव की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड किस प्रकार देशभर में शिक्षा की भूमिका को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस बैठक में एनपी सिंह और बाबा जी के द्वारा सभी सदस्यों द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों पर ध्यान दिया गया और शंकाओं का समाधान किया गया, जो भारत के लिए एक मजबूत और सांस्कृतिक रूप से निहित शैक्षिक ढांचे का समर्थन करने के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है।

स्वामी रामदेव जी ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के विज़न और मिशन पर बोलते हुए सबको अवगत करवाया कि "यह भारत सरकार द्वारा स्थापित विधि सम्मत राष्ट्रीय बोर्ड है, जिसे देश-विदेश के समस्त विश्वविद्यालयों व सरकारों द्वारा उच्च शिक्षा व रोजगार के लिए मान्यता प्रदान की जा चुकी है। इसका राष्ट्रव्यापी प्रचार-प्रसार अभियान आगामी महीनों में जोर-शोर से प्रारंभ कर दिया जाएगा।"

बैठक में नीसा (नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस) का भी एक प्रतिनिधिमंडल आमंत्रित किया गया था, जिसके अंतर्गत हरियाणा से नीसा अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा, उत्तरप्रदेश से नीसा उपाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता, राजस्थान से डॉ. दिलीप मोदी, दिल्ली से अशोक ठाकुर और प्रेम देसवाल उपस्थित रहे। बैठक काफी सफल रही, जिसका आयोजन पतंजलि यूनिवर्सिटी, हरिद्वार में हुआ।

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