Agra News : हर्षोल्लास और श्रद्धा से मनाया गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व
मनोहर समाचार, आगरा। पावन गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व दुनिया भर में गुरु नानक नाम लेवा साध संगत द्वारा बहुत ही खुशियों, श्रद्धा व प्यार से मनाया गया। इसी कड़ी में आगरा के गुरुद्वारा नॉर्थ ईदगाह में अलौकिक कीर्तन दीवान का आयोजन किया गया, जिसमें प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह जी ने अमृतमई नाम की बरखा करते हुए गुरु की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा "गुरु अर्जन देव जी महाराज ने गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश हरमंदिर साहिब अमृतसर में किया और सभी गुरु नानक नाम लेवा संगत को अमृतमई बानी के उपदेश अनुसार चलने का हुक्म दिया।"
सिख गुरुओं की बाणी अंकित की। वहीं पर हर जाति मजहब के भक्तों की बाणी जिसमें भगत कबीर जी, महाराष्ट्र केभगत नामदेव जी, भगत त्रिलोचन जी, भगत सैन जी, भगत रविदास जी, मुसलमान फकीर फरीद जी व अन्य भक्तों, भट्टों व सिखों की बाणी को एक जगह एकत्रित करके एक महान ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के रूप में सारे संसार को दिया। वीर महेंद्र पाल सिंह ने कहा "दुनिया में ग्रंथ अनेक है, लेकिन गुरु ग्रंथ केवल एक है। संसार में जितनी अशांति, जितना तनाव, जितनी नफरत, जितना वैर-विरोध फैला हुआ है, अगर सभी गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी का सहारा ले लें तो सारे जगत में शांति व मानवता व इंसानियत का फैलाव हो जाएगा।" उन्होंने शब्द "अमृतवाणी हर हर तेरी सुन सुन होवे परम गत मेरी" का बहुत ही सुरीले अंदाज में गायन किया।
इस अवसर पर मुख्य सेवादार हरजीत सिंह (प्रिंस), तिरलोचन सिंह, गुरमीत सिंह सेठी, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, रिंकू गुलाटी, सतपाल सिंह बत्रा, अरविंद सिंह पप्पी, कवलजीत सिंह पूरी, संजय जटाना, मनीष नागरानी, हरजीत,रूबल, सहज,कुलदीप, संजय सेठ, सतीश सिंह अरोड़ा, गुरमुख व्यानी, संतोष सिंह, परमजीत सिंह सरना, कुलविंदर सिंह बावा, सुखवानी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में गुरमीत सिंह सेठी ने सारी संगत का धन्यवाद किया व सभी संगत में एक साथ मिल बैठकर गुरु महाराज का लंगर ग्रहण किया।



जय गुरुदेव
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