AGRA : शीतकालीन चारधाम यात्रा कर आगरा पधारे ज्योतिष्पीठाधीश्वर
-स्थापित देवताओं की पूजा भोग आदि कभी बंद नहीं की जाती, चाहे किसी भी स्थान पर हो, उनकी पूजा सेवा नियमित होनी चाहिए।
आगरा। श्रीगोपालजी धाम दयालबाग में भक्तों ने ललितपुर से आ रहे शंकराचार्य जी का बड़ा ही भव्य एवं भावुक स्वागत किया। देर रात्रि आगमन पर भी कड़कड़ाती ठंड में भक्तों की भीड़ शंकराचार्य जी के दर्शन को जमी रही। अगले दिन पत्रकारों से वार्ता करते हुए वह अपने चिर परिचित तीखे तेवरों में दिखे।
राम मंदिर के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि "पौष मास में यह प्रतिष्ठा केवल राजनीतिक लाभ के लिए है। अच्छा होता कि रामनवमी के दिन यह मंगल प्रवेश होता।" आमंत्रण मिलने के प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि "उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला है।" सुरक्षा की बात पर तंज कसते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि "यह कैसा निमंत्रण भेजा जा रहा है, जिसमें साधु संत प्रधानमंत्री के बाद अपने आराध्य के दर्शन करेंगे।"
बताते चलें कि कुंभ के अवसर पर सर्वप्रथम संत ही स्नान करते हैं। ऐसे में शंकराचार्य जी का यह वक्तव्य पूरे संत समाज के आक्रोश को दिखाने के लिए पर्याप्त है। शंकराचार्य जी के आगरा प्रवास पर दर्शनों के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
डॉ. दीपिका उपाध्याय ने बताया कि "इतिहास में पहली बार यह शीतकालीन चारधाम यात्रा प्रारंभ हो रही है, जिसे ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वयं प्रारंभ कर रहे हैं, जिससे जनता को प्रेरणा मिले।" शंकराचार्य जी ने डॉ. दीपिका उपाध्याय के आवास पर एक दिन प्रवास किया। प्रातः काल भक्तों को दीक्षा देने के बाद उन्होंने भक्तों के प्रश्नों के उत्तर दिए। उसके बाद शंकराचार्य जी हापुड़ के लिए रवाना हो गए।


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