AGRA : नानक लीन भयो गोविंद सियो ज्यों पानी संग पानी
आगरा। हिंद दी चादर धन धन श्री गुरु तेग बहादुर महाराज जी की शहादत को बारंबार नमन करते हुए श्रद्धा भाव के साथ गुरु रूप गुरु प्यारी संगतों ने धन-धन श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेक गुरु की सच्ची वाणी का आसरा लेकर अपने जीवन को सफल किया। गुरुद्वारा साहिब दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर आगरा पर सुबह अमृतवेले से संगत ने गुरबाणी कीर्तन गुरमत विचार समागम में पाठ श्री जपजी साहिब जी, पाठ श्री सुखमनी साहिब जी, पाठ श्री चौपाई साहिब जी के साथ कीर्तन की हाजरी लगाई।
अमृतमई गुरबानी कीर्तन दे नाल संगत को भाई साहिब भाई हरजोत सिंह (गुरुद्वारा मिट्ठा खूह वाले) अमृतमई गुरबाणी कीर्तन गुरमत विचार गुरुओं की शहादत शहीदी पर वर्णन किया। जहाँ गुरुओं की गाथा सुन संगत हुई भाव विभोर हो गई। नानक लीन भयो गोविंद सियो ज्यो पानी संग पानी...धन गुरु धन गुरु प्यारे...जैसे कीर्तन गाकर संगत ने निहाल कर दिया।
हजूरी रागी भाई कुलदीप सिंह कानपुर वाले, भाई दलजीत सिंह द्वारा संगत को कीर्तन कथा द्वारा मंत्रमुक्त कर दिया। अरदास हुकमनामा अप्रांत गुरु का अटूट लंगर सभी धर्म प्रेमियों ने एक पंगत होकर ग्रहण किया।
इस दौरान स्वरन कौर, सिम्मी सलूजा, सरनजीत कौर, सरबजीत कौर, जसविंदर कौर, हरविंदर कौर, चांदनी भोजवानी, नीतू ओबरॉय, रंजीत कौर, हरविंदर कौर, ज्योति अरोड़ा, सिमरन कौर, हरजिंदर कौर, अमरजीत कौर, प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलुजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, सुरेन्द सिंह लवली, इन्दरजीत सिंह वाधवा, मलकीत सिंह, गुरेंदर सिंह, हरजीत सिंह भसीन, हरविन्दर सिंह, देवेन्द्र सिंह जुल्का, सुरेन्द लाडी, प्रमोद अरोड़ा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।



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