Agra News : धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया प्रिल्यड पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव

-किसी भी विद्यालय का वार्षिकोत्सव उसकी उन्नति और प्रगति का परिचायक होता है।

मनोहर समाचार, आगरा। प्रिल्यड पब्लिक स्कूल परिसर में वार्षिकोत्सव का आयोजन अत्यंत धूमधाम तथा हर्षोल्लास के साथ किया गया। वार्षिकोत्सव की थीम- 'युगांतर-सत् से कल तक' के अंतर्गत मनमोहक, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई, जिसमें नर्सरी से कक्षा बारह तक के छात्रों की शत-प्रतिशत भागीदारी रही। 

वार्षिकोत्सव के मुख्य अतिथि पद्म भूषण तथा पद्म श्री से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी रहे। पर्वत पुरुष के नाम से विख्यात डॉ. अनिल प्रकाश जोशी कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल के पर्यावरणविद्, हरित कार्यकर्ता, स्वैच्छिक संगठन हिमालयन पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण (HESCO) के संस्थापक हैं, जिन्हें 2006 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री, सामाजिक कार्य के क्षेत्र में 2020 में पद्म भूषण पुरस्कार से और सामाजिक न्याय के लिए 2021 में मदर टेरेसा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 

छात्र-छात्राओं द्वारा मनोरम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बड़े ही रोचक ढंग से सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलयुग की जीवंत झलकियाँ प्रस्तुत की गईं।  शिव शक्ति नृत्य नाटिका के माध्यम से नव रसों का मनमोहक चित्रण, राजा हरिश्चंद्र की कथा के द्वारा सत्यनिष्ठ होने तथा श्रवण कुमार के द्वारा मातृ-पितृ सेवा करने का संदेश दिया गया। राम और कृष्ण की जीवन गाथा और उससे जुड़ी कथाओं को  मनमोहक नृत्य नाटिका के द्वारा प्रस्तुत किया गया। कलयुग में विकास के साथ-साथ , उससे पैदा होने वाली बुराइयों को दर्शाया गया और कलयुग मंथन के द्वारा उन बुराइयों को दूर करके प्रकृति एवं पर्यावरण को बचाने का संदेश  दिया गया।  कार्यक्रम का संचालन करते हुए आरिका, अर्णव(कक्षा-दो), गौरी(कक्षा-तीन), कर्णिका, सुहाना, श्रेया, अलाइना,एना,(कक्षा-पाँच), शिवांशी, हेमंत(कक्षा-छह), द्रविण, सुकृति(कक्षा-सात), इशिता, गौरांगी(कक्षा-नौ),आनंदिता, श्रुति(कक्षा-दस), श्रव्या, जसनूर, पिया एवं इशांत(कक्षा-ग्यारह) ने मुख्य अतिथि, विद्यालय निदेशकगण डॉ. सुशील गुप्ता, सुनीता गुप्ता, शलब गुप्ता, प्राचार्य अरविंद श्रीवास्तव तथा सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया। कक्षा दो से ग्यारह तक के विद्यार्थियों के द्वारा प्रवाहपूर्ण,ओजमय तथा जोशपूर्ण संचालन सभी के आकर्षण का केंद्र रहा।अतिथिगण के द्वारा दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ  किया गया।

विद्यार्थियों ने स्वागत गीत के द्वारा सभी का हार्दिक अभिनंदन किया। छात्रों ने सत्र 2023- 24 की विद्यालय की वार्षिक आख्या प्रस्तुत करके शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा क्रीड़ा क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों से अवगत कराया।

प्री प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा चारों युगों की मधुर मनमोहक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसे सभी दर्शकों ने बहुत सराहा। युगांतर सत् से कल तक थीम पर आधारित झलकियों के माध्यम से क्रोध,लोभ, मोह, ईर्ष्या, द्वेष, अंधकार एवं अज्ञान के  प्रति लोगों को आगाह करके मानवीय नैतिक मूल्यों-सत्य, अहिंसा, धर्म, दया, प्रेम को अपनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सी.बी.एस.ई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों  को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बारहवीं कक्षा में  पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र रहे।

उमंग शर्मा (इतिहास तथा मनोविज्ञान में 100% अंक प्राप्त)

नवकार जैन और शशांक सिंह (रसायन विज्ञान में 100% अंक प्राप्त करने)

राधिका गुप्ता(अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, सूचना प्रणालियों का अध्ययन में द्वितीय शीर्षस्थ स्थान प्राप्त करने)

कक्षा दसवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु पुरस्कार प्राप्तकर्ता विद्यार्थी रहे

वरादा शर्मा (अंग्रेजी विषय में 100% अंक प्राप्त करने)

शौर्य गुप्ता (सामाजिक विज्ञान में 100% अंक प्राप्त करने)

मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन वक्तव्य में कहा कि "शुद्ध हवा, पानी, भोजन सभी की मूलभूत आवश्यकताएँ हैं, मगर ये सभी चीजें आसानी से प्राप्त नहीं हो रही हैं। एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी और इकोनोमिक ग्रोथ के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी और जैव विविधता की हानि जैसी वैश्विक चुनौतियाँ हमारे सामने हैं।" उन्होंने इससे निपटने की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विद्यालय को शिक्षा का पावन मंदिर बताते हुए कहा कि "विद्यालय ही एकमात्र वह स्थल है, जहाँ संस्कार और संस्कृति की शिक्षा छात्र प्राप्त करते हैं। हमें संस्कृति से सदा जुड़े रहना चाहिए, क्योंकि संस्कृति स्थिर रहती है तथा सभ्यता परिवर्तनशील है। प्रकृति को संरक्षित रखने के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन भली प्रकार से करके उसका सम्मान करना चाहिए।" 

डॉ. सुशील गुप्ता तथा ने समस्त जन को वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के लिए जीवन पथ पर बढ़ते रहने का आशीर्वाद दिया और प्रकृति के संरक्षण में अपना अमूल्य योगदान देने के लिए  प्रेरित किया। अभिभावकों तथा अतिथियों के द्वारा कार्यक्रम की भूरि-भूरि सराहना की। इस प्रकार वार्षिकोत्सव का समापन फिनाले गीत के साथ अत्यंत उमंग और आनंद के साथ संपन्न हुआ। सभी शिक्षकों का कार्यक्रम में सहयोग रहा।



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