Manohar Samachar : आगरा टीटीजेड होने के कारण जीएसटी टारगेट न बढ़ाने की मांग

-चैम्बर की मांगनुसार हैंड्रीक्राफ्ट एवं इंजन पर जीएसटी दर -कम करने पर चैम्बर ने वित्त मंत्री का जताया आभार।

-रिफंड प्रक्रिया सरल करने की चैम्बर ने की मांग

-रजिस्टेªशन प्रकिया का किया जाये सरलीकरण

-दूसरी अपील आगरा में की जाने की चैम्बर ने की मांग

-अधिकारियों द्वारा व्यापारियों के साथ किया जाये मैत्रीपूर्ण व्यवहार

मनोहर समाचार, आगरा। चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में ‘‘कर सुधार से विकास तक’’ जीएसटी 2.0 मंथन किया गया जिसमें चेयरमैन अमर मित्तल जी ने कहा कि सरकार द्वारा दिया गया बजट आमजन के लिये राहत देने वाला है लेकिन कहीं न कहीं कर की दरों में असमन्यता होने के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बैठक में अधिवक्ता निखिल गुप्ता व कर विषेशज्ञ पराग सिंहल द्वारा जीएसटी 2.0 पर प्रकाश डाला गया। चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल द्वारा जीएसटी 2.0 का स्वागत करते हुए कहा गया कि आज व्यापारियों एवं उद्यमियों के जीएसटी 2.0 के मंथन से जो सार निकलेगा उसको जीएसटी से संबन्धित समस्याओं एवं सुझावों को वित्त मंत्री व प्रधानमंत्री के समक्ष भेजा जायेगा।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि इंजन पर करदेयता 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत कर दी गयी है किन्तु सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसैट एवं पम्पसैट स्पेयर पार्ट्स पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत यथावत् ही है जबकि दोनों ही एक दूसरे के पूरक है। चैम्बर द्वारा माननीय वित्त मंत्री एवं जीएसटी काउंसिल के अन्य सदस्यों को पत्र भेजकर हैंड्रीक्राफ्ट, एवं इंजन व सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसैट पर जीएसटी कम करने के लिये अनुरोध पत्र भेजे गये थे। वित्त मंत्री महोदय द्वारा चैम्बर द्वारा प्रेषित पत्रों का संज्ञान लेते हुए हैंड्रीक्राफ्ट, जूता एवं इंजन पर जीएसटी की दर को कम कर दिया गया जिसके लिये चैम्बर द्वारा उनको हार्दिक धन्यवाद प्रेशित किया गया। किन्तु सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसैट एवं पम्पसैट स्पेयर पार्ट्स पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत में रखा गया है जो कि न्यायसंगत नहीं है।

कर विशेषज्ञ पराग सिंहल द्वारा सरकारी आंकड़ो के अनुसार जीएसटी 2.0 के बारे में प्रारम्भ से लेकर अभी तक सरकार को कितना राजस्व प्राप्त हुआ है से अवगत कराया गया।  

अधिवक्ता निखील गुप्ता द्वारा चैम्बर को अवगत कराया गया है कि सरकार को रिफंड की प्रक्रिया को सरलीकरण किया जाना चाहिये क्योंकि रिफंड प्रक्रिया में विलम्ब होने पर उद्यमियों की राषि ब्लॉक हो जाती है तथा रिफंड में देरी व्यापारियों का उत्पीड़न का कारण बनती है। सरकार की सभी पॉलिसियाँ व्यापारियों के हित में लागू होती है किन्तु पॉलिसियों के क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों द्वारा उसको अपने तरीके से लागू किया जाता है जो कि व्यापारियों एवं उद्यमियों के कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि थी की प्रक्रिया को भी सरल किया जाना चाहिये। हालांकि सरकार द्वारा भविष्य में 3 दिन में रजिस्टेªशन पूर्ण कराने की प्रकिय्रा लागू होने वाली है। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि आगरा टीटीजेड होने के कारण जीएसटी टारगेट न बढ़ाया जाये तथा अधिकारियो को व्यापारियों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिये। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि स्कै्रप में लिटीगेशन को कम करने के लिये स्कै्रप में कर की दर को कम किया जाना चाहिय।

विजय बंसल जी ने कहा कि सरकार की मंषा के अनुसार सर्वशिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को सस्ता करने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी और कॉपी निर्माता को 18 प्रतिशत की श्रेणी में रखा जाना न्यायासंगत नहीं है।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय गोयल, पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अमर मित्तल, सीताराम अग्रवाल, अनिल वर्मा, मुकेश अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अतुल कुमार गुप्ता, श्रीकिशन गोयल, शलभ षर्मा, अम्बुज गोयल, पराग सिंहल, अधिवक्ता निखिल गुप्ता, हरीष सुन्दरानी, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, विजय बंसल, अम्बा प्रसाद गर्ग, सतीष अग्रवाल, नीतेष अग्रवाल, साहिल अग्रवाल, गिरीश चंद गोयल, मंयक मित्तल, नारायन भरानी, रोशन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।

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