Agra News : दिव्या सिंह ने दिव्य कलाकृति से परिवार और आगरा का नाम रोशन कर रचा इतिहास

मनोहर समाचार, आगरा। आगरा हौसला हो जीत का और खुद पर ऐतवार हो, तो बदला जा सकता है कुछ भी...जी हाँ कुछ ऐसा ही कर दिखाया है आगरा की होनहार बेटी दिव्या सिंह ने। दिव्या के हुनर और जज्बे का आज हर कोई कायल है। अपने हाथों के करिश्मा से श्रीराम मंदिर की अद्भुत कला को कागज पर उकेर इतिहास रच दिया। 

यूं तो कुमारी दिव्या सिंह बचपन से ही नटखट रहीं हैं। बाबा स्वर्गीय प्रताप सिंह और दादी पुष्पा देवी आवागढ़ एटा के आंगन में एक नन्ही परी की किलकारी फूटी तो किसी ने सोचा भी नहीं होगा, कि एक दिन यह इतिहास रचेगी। माता बीना सिंह की कठिन तपस्या पिता टीपी सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से विभाग संयोजक धर्म जागरण आगरा का आर्थिक रूप से बड़ा संघर्ष और बिटिया की सपनों का ताना-बाना रामलला में गहरी आस्था कोई भी रुकावट विश्व पटल पर इतिहास रचने से रोक नहीं पाई। 

आपको बता दें दिव्या ने अपनी शिक्षा दयालबाग विश्वविद्यालय आगरा से बैचलर ऑफ फाइन आफ आर्ट और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट जामिया मिलिया विश्वविद्यालय दिल्ली से प्राप्त की है। चाचा डॉक्टर धर्मवीर सिंह, प्रधान वैज्ञानिक कृषि मंत्रालय, चाची डॉक्टर प्रियंका सिंह के मार्गदर्शन में शिक्षा के भौतिक मूल्यों को समझ कर आगे का रास्ता तय किया। 

ऐसे रचा इतिहास 

कला भूमि संस्थान दिल्ली के दिशा निर्देशन में कुमारी दिव्या सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर श्री राम मंदिर अयोध्या धाम विश्व की सबसे बड़ी पेंटिंग को 50 * 30 फीट 4 घंटे 4 मिनट 4 सेकंड में 01 जनवरी 2025 को पूर्ण किया। जिसे गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक रिकॉर्ड, हाई रेंज आफ रिकॉर्ड, इंडिया आफ बुक रिकॉर्ड के लिए चुना गया है। 

इन्होंने किया पुरुस्कृत  

कुमारी दिव्या सिंह और पूरी टीम को पदक व प्रमाण पत्र, पदम श्री प्राप्त जयप्रकाश लेखिवाल और आशुतोष डिप्टी डायरेक्टर सीसीआरटी द्वारा प्रदान किया गया।




टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Manohar Samachar : गिरिराज धरण की शरण में ऐसा बरसा श्याम रस, सबको मिली आत्मिक तृप्ति

Agra: अग्रवाल महिला मंडल दयालबाग की कार्यकारिणी गठित

Agra : तीज महोत्सव में सजी रंगारंग मेहंदी नाइट, महिलाओं ने जमकर किया डांडिया