AGRA : आखिर दिव्यांश चौधरी प्रकरण में सत्ता पक्ष और पुलिस क्यों हैं खामोश
-लोगों के सड़कों पर उतरने की क्यों आई नौबत
-दिव्यांश चौधरी को सौपे या भाजपा छोड़ें उदयभान सिंह
-दिव्यांश चौधरी मामले में पंजाबी समाज ने जयपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में आयोजित की बैठक
-पंजाबी समाज के सैकड़ों लोगों संग जैन, वैश्य व जाट समाज के लोग भी हुए शामिल
आगरा। पूर्व मंत्री चौधरी उदयभान सिंह अपने पोते दिव्यांश चौधरी को सौंपे या फिर भाजपा छोड़ें। जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान करना न जानता हो उसे भाजपा जैसी पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं। भाजपा निष्कासन करे उदयबान सिंह का। ये तीखे सवाल और निश्चित रूप से किसी बगावत की तरफ इशारा नहीं करते, बल्कि एक साजिश को उजागर कर न्याय के लिए उठ रहे हैं, जो न तो सत्ताधारी दल को नजर आते हैं और न पुलिस प्रसाशन को। बड़े हैरत की बात है। इतने लोगों का विरोध और आँखों पर सत्ता और पुलिस के बंधी पट्टी, किस मजबूरी का मौहताज है।
जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर में पंजाबी समाज द्वारा आयोजित बैठक में दिव्यांश चौधरी की गिरफ्तारी और उदयभान सिंह का बाजपा से निष्कासन का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें समाज के मौजूद सैकड़ों लोगों ने सहमति जताई। बैठक में पीड़िता के समर्थन में जैन समाज, वैश्य समाज और जाट समाज के लोग भी शामिल हुए।
इस दौरान बात उठी कि "उदयभान सिंह मांफी मांगे या बाजपा छोड़ें। सभा में मौजूद सबी लोगों ने एक स्वर में कहा "कितनी बार माफ़ी मंगवाएंगे। दो बार दिव्यांश पहले ही माफी मांग चुका है। अब गिरफ्तारी और न्याय चाहिए।" पंजाबी समाज के लोगों ने कहा कि "अभी तो परिवार के लोग इकट्ठे हुए हैं। पूरे समाज के लोग एकजुट हो गए तो सम्भाला नहीं जाएगा। हम वो पंजाबी हैं जो पाकिस्तान से खाली हाथ आए थे।"
सभा के दौरान भावुक हुई पीड़िता की दादी दीपिका महाजन ने आक्रोशित हुए सवाल किया कि "अभी तक एसपी सिंह बघेल और उपाध्याय क्यों नहीं आए।" अशोक अरोड़ा, आरएसएस के विश्वामित्र महाजन और रानी सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन अनिल वर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पंजाबी विरासत के संरक्षक चरनजीत थापर, अशोक अरोड़ा, प्रमोद महाजन, कुसुम महाजन, मन्नु, सुमन महाजन, रविकान्त, दिवाकर, सुमित, संजीव, अजय, ऋतु आदि मौजूद रहीं।
जैन, वैश्य व जाट समाज के लोगों ने जताया विरोध
अखिल भारतीय जाट महासभा के उपाध्यक्ष नरेश इंदौलिया ने न्याय के लिए जाट समाज के समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा कि "समाज में कोई गन्दगी फैलाए तो सभी समाजों को कजुट होकर उसका विरोध करना चाहिए।" उन्होंने उदयभान सिंह के परिवार के अन्य लोगों द्वारा किए गए अनैतिक कार्य भी उजागर किए। वहीं अशोक अग्रवाल ने कहा कि "मेरी मां से उदयबान सिंह 40 वर्ष से राखी बंधवा रहे हैं। इस नाते में उनका भांजा हूं, फिर भी आखबारों की कटिंग का पुलंदा लेकर या हूं, उदयभान और उनके परिवार के कारनामों का। दयालबाग में रातों रात पार्क को कब्जा लिया। नगर निगम में कर्मचारियों का उत्पीड़न, कमला नगर से एक युवती को एक रेस्टरा से उठाने जैसे अनगिनत मामले हैं।" नितिन जैन ने कहा कि "मैं भाजपा का सपोर्टर हूं, परन्तु महिलाओं और बेटियों का अपमान नहीं सहा जाएगा। अब यह सिर्फ पंजाबी समाज की नहीं सर्व समाज की लड़ाई है।"
पुलिस दबाव में है, इसलिए नहीं हो रही गिरफ्तारी
पीड़िता के पिता विवेक महाजन ने कहा कि "पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में है, इसलिए दिव्यांश की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। छोटे से मामले में आम व्यक्ति को पुलिस थाने बुला लेती है, परन्तु दिव्यांश की गिरफ्तारी नहीं हो रही।" उन्होंने शुरु से पूरी घटना को बताते हुए कहा कि "न्याय नहीं मिला तो न्याय के लिए पंजाबी समाज सड़कों पर उतरेगा।"
आर्य समाज मंदिर से भाजपा कार्यालय तक नारेबाजी और पैदल मार्च
सभा समापन के बाद पंजाबी सभा के साथ जैन, वैश्य और जाट समाज के लोगों ने आर्य समाज मंदिर से भाजपा कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च किया। भाजपा कार्यालय में कोई मौजूद न होने पर 'गिरफ्तार करो गिरफ्तार करो, दिव्यांश चौधरी को गिरफ्तार करो... और उदयभान सिंह को निष्कासिक करो, योगी जी हमें न्याय दो के नारे लगे। इस दौरान सभी ने कहा कि "न्याय न मिला तो पंजाबी समाज सड़कों पर उतरेगा।"






दुर्भाग्यपूर्ण घटना, अंधा कानून और अंधी सरकार
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