Delhi News : आगरा की बेटी काव्या बनी दिल्ली विश्वविद्यालय की कविता प्रतियोगिता की जज
मनोहर समाचार, आगरा। मुज़ाहिरा, इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स (IHE), दिल्ली विश्वविद्यालय की साहित्यिक एवं वाद-विवाद समिति, ने अपने वार्षिक महोत्सव Panache का आयोजन किया, जिसमें अल्फ़ाज़, स्लैम कविता प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें आगरा की बेटी काव्या अग्रवाल को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया।
यह बड़े हर्ष का विषय था, जहां पर कुछ समय पहले काव्या ने दिल्ली विश्वविद्यालय में काव्य पाठ किया था और वहीं से उसने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया, वहीं पर उसे निर्णायक बनने का मौका मिला। निर्णायक मंडल में काव्या अग्रवाल सबसे कम उम्र की निर्णायक रही।
निर्णायक मंडल में मीनाक्षी एम. सिंह, काव्या अग्रवाल आगरा संस्थान की आंतरिक निर्णायक साइबा नांगिया शामिल रहीं।इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रथम स्थान पर गेहना गौतम रही, प्रथम उपविजेता आर्यन राणा और द्वितीय उपविजेता अनन्या रही।
काव्या अग्रवाल कमला नगर निवासी शायर कमल आशिक की पुत्री है। अभी दिसंबर में काव्या अग्रवाल को जर्मन एंबेसी में अपनी काव्य कला के प्रदर्शन का मौका मिला था। काव्या अग्रवाल एक दिन के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।
काव्या अग्रवाल की अंग्रेजी की कविताओं की पुस्तक तब छपी थी जब वो 11वी कक्षा की st. Patrick's school की छात्रा थी।
सभी काव्या को निर्णायक मंडल में शामिल होने की बधाइयां और शुभकामनाएं दे रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। ऐसे ही वो परिवार और शहर का नाम रौशन करती रहे और आगे बढ़ती रहे।


बहुत सुन्दर
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