AGRA : भक्ति, शक्ति और मुक्ति का द्वार है श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर

 -आनंदी भैरव मंदिर के पीछे यमुना तट पर है श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर

-श्री सुनील कुमार वशिष्ठ जी महाराज का मिलता है सानिध्य

-जीवन के समस्त कष्ट दूर करने का चलता है निरंतर अनुष्ठान

-विद्वान पण्डितों के द्वारा होता है सर्व कर्मकाण्ड

आगरा। एक ऐसा दिव्य और भव्य पवित्र स्थान जहां विभिन्न देवी देवताओं के दर्शनों के साथ आपको आत्मिक शांति और जीवन लाभ मिले, तो भला आप उस पवित्र स्थल पर क्यों न जाएंगे। जी हां हम बात कर रहे हैं दयालबाग स्थित आनंदी भैरव मंदिर के पीछे बने श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर की। जहां एक बार कोई भक्त आकर दर्शन करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। 

कैसे पहॅुचे श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर? 

नेशनल हाइवे खंदारी से केन्द्रीय हिन्दी संस्थान रोड पर करीब 2 किमी दयालबाग नगला बूढ़ी स्थित आनंदी भैरव मंदिर के पीछे यमुना किनारे बने इस भव्य मंदिर की शोभा अपने आप में अलौकिक है। जहां आप ऑटो रिक्शा और निजी वाहन से जा सकते हैं। 

आचार्य सुनील कुमार वशिष्ठ जी का सानिध्य

मंदिर पहॅुचने पर आपको मंदिर महंत श्री सुनील कुमार वशिष्ठ जी के सानिध्य में भगवान के विग्रहों के भव्य दर्शन,पूजन और आरती करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। जहां आप अपने जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए योग्य बिप्रों द्वारा मंत्रोच्चारण विधि से हवन, यज्ञ के माध्यम से समाधान पा सकते हैं। साथ ही प्रभु की असीम अनुकम्पा भी । जिससे आपके समस्त कार्य सिद्ध होंगे। 

मंदिर में स्थापित विग्रह

मंदिर में प्रवेश करते ही बाईं ओर श्री महाकालेश्वर महादेव जी का विग्रह विराजमान हैं। जहां भगवान भोलेनाथ परिवार सहित विराजते हैं। मुख्य द्वार के ठीम सामने बाई ओर मां आदिशक्ति दुर्गा जी का अलौकिक विग्रह है, जिनके दर्शन मात्र से कष्ट मिट जाते हैं। ठीक सामने श्री राधा-कृष्ण का मनोहारी दर्शन आत्मा में प्रेम का राग उत्पन्न कर समस्त संसार को अपना बना लेता है। उसके दाईं ओर प्रभु श्रीराम माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण और वीर बजरंगबली विराजमान हैं, जिनकी मोहक छवि शरीर की थकावट मिटाती है। उनके ठीक सामने दक्षिणमुखी श्री हनुमान जी का विशाल विग्रह यहां आने वाले श्रृद्धालुओं के संकट हर लेता है। मंदिर का प्रांगण जहां बैठकर भजन कीर्तन और भक्त आरती करते हैं। इसके साथ मंदिर में बना यज्ञ स्थल बड़ा ही दिव्य है, जहां निरंतर विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा अनुष्ठान कार्य किए जाते हैं। उसके समीप बना गार्डन भक्त प्रेमियों को भोजन, भण्डारे और आयोजन करने के लिए है। 

गौशाला

मंदिर के सामने बनी गौशाला जहां तमाम गौ माताएं यहां आने वाले भक्तों की सेवा का प्रतिफल प्रदान करती हैं। लोग मंदिर में दर्शन कर गौसेवा करना नहीं भूलते और यहां आकर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के लिए पवित्र ह्दय से गौ माता को हरा चारा, गुड़ चना और अन्य खाद्य सामग्री दान कर पुण्य कमाते हैं। 

यमुना तट

मंदिर के पीछे की ओर पतित पावनी यमुना नदी गुजरती हैं। अर्थात मंदिर के एक तरफ यमुना नदी, सामने गौशाला अैर बीच में मंदिर अपने आप में अदभुत हैं। ऐसे पावन रमणीक धार्मिक स्थल पर आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है। यहां होने वाले निरंतर हवन-पूजन, यज्ञ और अनुष्ठानों की वृहद श्रृंखला है। 

सलाह

एक बार श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर अवश्य आएं और देखें कि यहां का वातावरण धार्मिक होने के साथ-साथ बड़ा ही अनुकूल है। जहां आपको आत्मिक शांति का आभास होगा। आपको लगेगा कि हम दिव्य स्थान पर हैं। जहां केवल भक्ति और शक्ति का संचार है। आपके मन में जो भी विकार हैं, यहां आकर आपकी सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर आपके मनोरथ पूर्ण करेगा। 




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