जानिए महाशिवरात्रि पर्व की खासियत और महायोग के विषय में

विख्यात ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविन्द मिश्र ने इस वर्ष की महाशिवरात्रि को लेकर बड़ी रोचक जानकारी दी है। आइये जानते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि 8 मार्च को दिन शुक्रवार, श्रवण नक्षत्र प्रातः 10:40 तक तथा शिवयोग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जायेगा, जो इस महाशिवरात्रि को और अधिक विशेष बना रहे है। सर्वाधिक योग प्रातः 6:40 से 10:40 तक एवं शिवयोग पूरे दिन रहेगा जो विशेष बना रहे है। 

महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर भगवान शंकर का श्रेष्ठ द्रव्यों से अभिषेक करने का फल इस प्रकार है  

शिव जी को जल अर्पित करने से वर्षा की प्राप्ति, कुशा का जल अर्पित करने से शांति, दही से पशु प्राप्ति, ईख (गन्ने ) के रस से लक्ष्मी प्राप्ति, मधु (शहद)और घी से धन की प्राप्ति,  दुग्ध(दूध ) से पुत्र की प्राप्ति, जल की धारा से शांति की प्राप्ति होती है। 1000 ॐ नमः शिवाय मन्त्रों सहित घी की धारा से वंश की वृद्धि, और केवल दूध की धारा अर्पित करने से प्रमेय रोग से मुक्ति और मनोकामना की पूर्ति होती है। शक्कर मिले हुए दूध अर्पित करने से बुद्धि निर्मल होती है, सरसों या तिल के तेल से शत्रु का नाश होता है अथवा शत्रु से संबंध सुधारते हैं और रोग से मुक्ति मिलती है, शहद अर्पित करने से यक्ष्मा रोग( टीवी रोग) से रक्षा होती है तथा पाप का क्षय होता है। पुत्रार्थी को भगवान शिव का अभिषेक शक्कर मिश्रित जल से करना चाहिए। उपरोक्त द्रव्यों से अभिषेक करने से शिवजी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।

रुद्राभिषेक के बाद 11 वर्तिकाएं प्रज्वलित कर करें आरती 

इसी प्रकार भगवान शिव का विभिन्न फूलों से पूजन करने से विभिन्न फल प्राप्त होते हैं। कमल पत्र, बेलपत्र शतपत्र और शंख पुष्प द्वारा पूजन करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आक के पुष्प चढ़ाने से मान सम्मान की वृद्धि होती है। जवा पुष्प से पूजन करने से शत्रु का नाश होता है अथवा झगड़ा समाप्त होता है। कनेर के फूलों से पूजा करने से रोग से मुक्ति मिलती है तथा वस्त्र एवं संपत्ति की प्राप्ति होती है। हरसिंगार के फूलों से पूजा करने से धन संपत्ति बढ़ती है तथा भांग और धतूरे से ज्वर तथा विषभय से (सांप काटने का डर) सैप्टिक जैसे गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है। चंपा और केतकी के फूलों को छोड़कर शेष सभी फूलों से भगवान शिव की पूजा की जा सकती है। साबुत चावल चढ़ाने से धन बढ़ता है। गंगाजल (कावड़ चढ़ाने )अर्पित करने से आपकी मनोकामना पूरी होती है और मोक्ष प्राप्त होता है। 

इसलिए इस शिवरात्रि के अवसर पर आप अपनी मनोकामना अनुसार भगवान शिव की पूजा आराधना कर रात्रि जागरण करें। भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें। अत्यंत गम्भीर रोगी, दुर्घटनाग्रस्त लोग महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें । अविवाहित लोग जिनके विवाह में कोई बाधा आ रही है, शनि के साढ़े साती चल रही है, शनि की महादशा, अंतर्दशा, राहु की महादशा, अंतर्दशा चल रही है। जिनकी कुंडली में मंगल दोष है, काल सर्प योग, पितृ दोष है, केमन्द्रु योग आदि दोषों से ग्रसित सभी लोग भगवान शिव की इस दिन पूरे मनोयोग से भक्ति भाव पूर्वक पूजा अर्चना करें और रात्रि जागरण करें। भगवान शिव आपके सभी कष्ट दूर करेंगे । 


विख्यात ज्योतिषाचार्य 

डॉ. अरविन्द मिश्र , संजय प्लेस आगरा

सम्पर्क सूत्र - 9412343560



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Manohar Samachar : गिरिराज धरण की शरण में ऐसा बरसा श्याम रस, सबको मिली आत्मिक तृप्ति

Agra: अग्रवाल महिला मंडल दयालबाग की कार्यकारिणी गठित

Agra : तीज महोत्सव में सजी रंगारंग मेहंदी नाइट, महिलाओं ने जमकर किया डांडिया