Agra News : मिथुन में गुरु का गोचर से आपकी राशि पर क्या होगा असर?
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ. अरविंद मिश्र
गुरु 14 मई 2025 बुधवार रात्रि 10 बज कर 35 मिनट पर वृषभ राशि से निकलकर गुरु मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। 1 जून 2026 तक मिथुन राशि में रहेगा।
12 जून 2025 को रात्रि 1:10 पर पश्चिम में अस्त होगा। बृहस्पति 6 जुलाई 2025 तक अस्त रहेगा। 6 जुलाई 2025 को पूर्व में सायं 7 बज कर 18 पर उदय होगा।
18 अक्टूबर 2025 को सायं 7 बज कर 47 मिनिट पर कर्क राशि में चला जाएगा। 12 नवंबर 2025 को वक्री होंगे। 5 दिसंबर 2025 सायं 5 बज कर 24 मिनट पुनः मिथुन राशि पर आ जाएगा। 11 मार्च 2025 को प्रातः 9 बज कर 02 मिनट पर मार्गी होंगे।
गुरु का शुक्र की राशि से बाहर आकर, मिथुन राशि में जाना कुछ लोगों के लिए विवाह ,संतान, उच्च शिक्षा, मजबूत आर्थिक स्थिति और मांगलिक शुभता का उपहार लेकर आएगा। गुरु की शुभता से संतान की प्रतीक्षा कर रहे लोगों का घर खुशियों की किलकारियों से गूंज उठेगा, तो कुछ के जीवन में विवाह की शहनाइयों से एक नए जीवन की शुरुआत होगी। आइये जानें कि देवगुरु बृहस्पति के गोचर में आपके लिए कौन सा फल छुपा हुआ है।
• मेष राशि : गुरु गोचर में इस समय आपकी जन्म राशि से तीसरे स्थान पर संचार करेंगे। गुरु प्रभाव से इस अवधि के कार्य पराक्रम भाव से पूर्ण होंगे। साथ ही साहसिक कार्यों में सफलता प्राप्त होगी । व्यावसायिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
• वृष राशि : गुरु आपकी राशि से दूसरे भाव से गुजर रहा है जिससे आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। नौकरी में अच्छा मौका मिलेगा। व्यवसाय क्षेत्र में सफलता मिलेगी। उच्च शिक्षा के मौके मिलेंगे। परिवार में प्रश्न न खड़े हो उसका ध्यान रखें।
• मिथुन राशि : गुरु गोचर में आपकी जन्म राशि पर संचार कर रहा है। यह आर्थिक स्थिति को प्रबल कर आपके व्यवसायिक क्षेत्र का विस्तार कर सकता है। कुछ नया करने की प्रेरणा मिलेगी। गुरु के पांचवें स्थान में दृष्टि होने से संतान प्राप्ति होगी। प्रेम प्रसंग में होंगे। और उनकी नवें स्थान पर दृष्टि लम्बी दूरी अथवा विदेश यात्रा का योग बन रहा है। विवाह के इच्छुक लोगों की इच्छा पूरी होगी।
• कर्क राशि : गुरु आपकी राशि के बारहवें स्थान से गुजर रहा है। इससे नया घर, दुकान या वाहन लेने के योग हैं। दलाली कमीशन का व्यवसाय लाभदायक होगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। सफलता मिलेगी। धार्मिक कार्यों में खर्च होगा। कर्ज चुकाने में सरलता रहेगी। नौकरी में लाभ मिलेगा। साथ ही विदेश जाने का मौका या अच्छी कंपनी में जॉब की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन दांपत्य जीवन में परेशानियां आएगी। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव रहेगा।
• सिंह राशि : गुरु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में है। इससे पढ़ाई, व्यवसायिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी। धन लाभ होगा। उच्च अधिकारियों के साथ संबंध रहेंगे। मान सम्मान और प्रतिष्ठा मिलेगी। मित्रों से लाभ रहेगा। संतान प्राप्ति या संतान के कार्य क्षेत्र में प्रगति होगी। दांपत्य सुख अच्छा मिलेगा। स्टॉक मार्केट से फायदा रहेगा। धर्म, अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा।
• कन्या राशि : इस समय गुरु आपकी राशि के दशम भाव से गुजरेगा। जिससे व्यवसाय या व्यापार के क्षेत्र में अच्छी प्रगति होगी। संपत्ति, मकान ,जमीन आदि के कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन मिलेगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। विदेशी मित्रों से लाभ होकर,उनके द्वारा नई प्रगति की राह मिलेगी। फंसे हुए पैसे तुरन्त मिलेंगे। आपकी सत्ता बढ़ेगी।
• तुला राशि : गुरु गोचर में आपके भाग्य स्थान से गुजरेगा, जिससे भाग्य वृद्धि के योग बनेंगे। व्यवसाय के क्षेत्र में प्रगति होगी। सुख सुविधा के साधनों में वृद्धि होगी। संतान प्राप्ति के बारे में चिंता दूर होगी। धार्मिक और मांगलिक प्रसंग हो सकते हैं। आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रगति होगी। परिवार की जिम्मेदारियों में वृद्धि होगी। भाग्य वृद्धि होगी। परोपकारी कार्यों में रुचि रहेगी। नौकरी, व्यवसाय के काम से बाहर जाना हो सकता है।
• वृश्चिक राशि : आपकी राशि के अष्टम भाव में गुरु के भ्रमण से शारीरिक और आर्थिक नुकसान हो सकता है। पारिवारिक खर्च बढ़ेगा। मानसिक चिंताएं और क्लेश रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में ध्यान रखें। कोर्ट कचहरी के कार्यों में धन खर्च होगा। विद्या प्राप्ति में परेशानियां होगी। धार्मिक कार्यों में धन खर्च होगा।
• धनु राशि : गुरु आपकी राशि के सप्तम भाव से गुजरेगा। जिससे महत्वाकांक्षाओं में वृद्धि होगी। दांपत्य सुख मिलेगा। परिवार में शुभ और मांगलिक प्रसंग बनेंगे। भौतिक सुख के साधनों में वृद्धि होगी। नौकरी में लाभ होगा। सामाजिक कार्यों में यश, मान और प्रतिष्ठा मिलेगी।
• मकर राशि : गुरु गोचर में आपकी राशि से छठे भाव में रहेगा। जिससे स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा। फिर भी व्यावसायिक क्षेत्र में लाभ रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां आयेगीं। नौकरी में लाभ मिलेगा। तथा वेतन में वृद्धि होगी। लंबी दूरी की यात्रा अथवा विदेश यात्रा भी हो सकती है।
• कुंभ राशि : गुरु आपकी राशि से पंचम भाव से गुजर रहा है इससे आकस्मिक धन लाभ होगा। साहसिक कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यावसायिक क्षेत्र में यात्रा लाभदाई रहेगी। मांगलिक प्रसंग होंगे। परदेस से जुड़े कामकाज होंगे। यह पढ़ाई में सफलता दिलाएगा। नौकरी में लाभ मिलेगा। नि:संतान दंपत्ति के संतान प्राप्ति का योग है।
• मीन राशि : गुरु गोचर की इस अवधि में आपकी जन्म राशि से चतुर्थ भाव पर विराजमान होंगे। कार्यक्षेत्र में शुभता बनी रहेगी। तथा शुभ कार्यों का धन व्यय होने के योग बन रहे। इस अवधि विशेष में धार्मिक यात्राओं पर व्यय होगा।
गुरु के गोचर की पूर्ण शुभता प्राप्त करने के लिए बृहस्पतिवार का व्रत करें, बृहस्पतिवार की कथा करें, प्रत्येक बृहस्पतिवार को भगवान सत्यनारायण की कथा करें या कराएं । गुरु मंत्र का प्रतिदिन 108 संख्या में जाप करें। अथवा गुरुवार के दिन घी, हल्दी, चने की दाल, बेसन, पपीता, पीत रंग के वस्त्र का दान करना लाभकारी रहता है। इसके अलावा फलदार पेड़ सार्वजनिक स्थल पर लगाकर या विद्यार्थियों को भोजन करा कर,दक्षिणा देकर भी आप बृहस्पति देव को प्रसन्न कर शुभता प्राप्त कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ. अरविंद मिश्र
संजय प्लेस आगरा
मो०: 9412343560












Nice
जवाब देंहटाएं