Agra News : गणेश एवं कार्तिकेय जन्म कथा से हुआ शिव शक्ति की लीलाओं का उद्घाटन
-शिव महापुराण कथा में बोले आचार्य मृदुलकांत शास्त्री, जब संसार संकट में हो, तो शिव मौन नहीं रहते वे समाधान बनकर होते हैं प्रकट
-सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित किया गया है श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव
मनोहर समाचार, आगरा। सावन के पावन मास में श्री महाकालेश्वर मंदिर, दयालबाग में सावन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा एवं महा रुद्राभिषेक महोत्सव के पांचवे दिन श्रद्धालुओं ने गणेश जी और कार्तिकेय जी की जन्म कथा, उनकी दिव्य लीलाएं तथा शिव–शक्ति की अद्भुत महिमा का रसास्वादन किया।
मंगलवार को प्रातः महा रुद्राभिषेक एवं पार्थिव शिवलिंग निर्माण के पश्चात सायंकाल कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति रही। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने व्यास पूजन कर आरती की।
कथा व्यास आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने कहा कि "जब संसार संकट में हो, तब शिव मौन नहीं रहते; वे समाधान बनकर प्रकट होते हैं।" उन्होंने गणेश जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि "मां पार्वती ने उबटन से एक बालक की रचना की और उसे द्वारपाल नियुक्त किया। शिव जी के आने पर बाल गणेश द्वारा रोके जाने पर संघर्ष हुआ, परिणामस्वरूप उनका मस्तक कट गया। बाद में हाथी का शीश लगाकर पुनर्जन्म दिया गया और उन्हें प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। यह कथा निष्ठा, आज्ञा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है।"
इसके पश्चात कार्तिकेय जन्म और तारकासुर वध की गाथा प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि "जब तारकासुर का आतंक बढ़ा और देवता असहाय हो गए, तब शिव-पार्वती के योग से उत्पन्न हुए कार्तिकेय, जो षडानन स्वरूप हैं। कार्तिकेय ने सेनापति रूप में तारकासुर का अंत कर अधर्म पर धर्म की विजय सुनिश्चित की।"
आचार्य शास्त्री ने षष्ठी तिथि, कृत्तिका माताओं और कार्तिकेय के तेज, संयम और युद्धनीति का भी विस्तृत वर्णन किया। कथा में तपस्या, संयम, आज्ञापालन, उत्तरदायित्व और धर्म रक्षा जैसे गूढ़ जीवन मूल्य उद्घाटित हुए।
मुख्य संयोजक आचार्य सुनील वशिष्ठ ने कहा कि शिव महापुराण केवल भक्ति का ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन दर्शन का मार्गदर्शक है। गणेश हमें विवेक और बाधाओं को दूर करने की प्रेरणा देते हैं, वहीं कार्तिकेय साहस और धर्म के लिए संघर्ष का प्रतीक हैं।"
श्रद्धालुओं ने पूरे भाव से कथा का श्रवण किया और जय श्री गणेश एवं जय कार्तिकेय के जयघोषों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर मुख्य संयोजकआचार्य सुनील वशिष्ठ, सह संयोजक पवन शर्मा, सुनील शर्मा, सुनील सिंघल, पार्षद भरत शर्मा, अजय पांडे, अरविंद द्विवेदी, सुनील सिंघल, प्रदीप द्विवेदी, शुभम द्विवेदी, रामचरण शर्मा, आकाश शर्मा महिला मंडल अध्यक्ष सरिता तिवारी, नीलू पांडे रमेश शुक्ला आदि उपस्थित रहे।



हर हर महादेव
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