‘ऑपरेशन सिंदूर’, उजड़े परिवारों के लिए बदले का प्रहार
भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकियों का सफाया ऑपरेशन कर निश्चित रूप से उन 26 लोगों को ह्रदय से सच्ची श्रृद्धांजलि दी है, जिसे पाकिस्तान के नापाकियों ने अंजाम दिया था। सेना का ये अभियान अभी एक शुरूआत है, जिससे मसूद अजहर के परिवार में मातम छा गया है। जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा।
भारत की सेना को ह्रदय से सलाम! जवानों के जौहर को कोटि-कोटि नमन! आतंकी पाल रहे पाकिस्तान को पता चलना चाहिए कि गद्दारी का प्रतिफल क्या होता है। निहत्थे, भारतियों को नपुंसक आतंकियों ने धर्म पूछकर मारा था। अब उन्हें भी उन्हीं के धर्म की खाक भी नसीब नहीं होगी।
भारत पहले किसी को छेड़ता नहीं हैं, लेकिन जो कोई बेवजह छेड़ता है, तो हमारी सेना उसे छोड़ती नहीं है। अब पाकिस्तान और आतंकवादियों को उनकी औकात नजर आएगी। आतंकी चाहे जिस बिल में छिप जाएं हमारी बहादुर सेना उन्हें पाताल से भी ढूंढकर अंजाम तक पहॅुचाएगी।
अब शहबाज शरीफ और असीम मुनीर कहां मुंह दिखाएंगे। उनके पाले आतंकी अब उन्हीं के पैरों से जमींन खींच लेंगे। बचा सको तो बचालो इन जिहादियों को भारत की सेना से। ये ऑपरेशन सिंदूर है और भारतीय सिंदूर जौहर दिखाता है। पाक के खाक में मिलने का ये तोहफा कबूल करें नापाक आतंकी। अब प्रत्येक भारतवासी देश की सेना के साथ खड़ा है, ये हौसला बड़ा है। क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर चल पड़ा है।
सिंदूर भारतीय नारी के स्वाभिमान और सुहाग का प्रतीक है। जिसने इसे उजाड़ने या मिटाने की कोशिश की है, वो मिट्टी में मिला है। इस बात का इतिहास गवाह है। जय हिन्द! जय हिन्द की सेना!


जय हिंद की सेना
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