Agra News : चैम्बर ने गोद लिए शहर के 10 बडे पार्क

-चैम्बर बडे पैमाने पर वृक्षरोपण कराने के लक्ष्य के तहत प्रारम्भ में महानगर के 10 पार्को में वृक्षारोपणा करायेगा।

-रामबल खत्ताघर (ट्रांसयमुना) में नगर निगम के पुराने खताघर को स्वतंत्रता अन्दोलन के नमक सत्याग्रह के स्मृति पार्क के रूप में विकसित किये जाने चैम्बर ने की मांग।

-शास्त्रीपुरम के जल संकट निवारण हेतु सिकन्दरा रजवाह जलाषय विकास/निर्माण की आवष्यकता। 

-पर्यावरण सुरक्षा के लिये रेडियेषन से होने वाली हानि से बचाब के लिये रेडियेशन रोधी पौधापर्ण करेगा चैम्बर। 

मनोहर समाचार, आगरा। चैम्बर सभागार में पर्यावरण सुरक्षा के सम्बन्ध में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पर्यावरण संरक्षण प्रकोेष्ठ के चेयरमैन गोपाल खंडलवाल ने बताया कि "चैम्बर बडे पैमाने पर वृक्षरोपण करायेगा।" चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल व पूर्व अध्यक्ष मनीष अगवाल ने कहा कि "प्रारम्भ में चैम्बर द्वारा 10 पार्के को गोद लिया जायेगा जिसमें प्राथमिकता में बल्केश्वर व संजय प्लेस पार्कें में वृक्षारोपण का कार्य किया जायेगा।" 

वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने बताया कि "रामबल खत्ताघर (ट्रांसयमुना) में नगर निगम के पुराने खताघर को स्वतंत्रता अन्दोलन के नमक सत्याग्रह के स्मृति पार्क के रूप में विकसित किये जाने के कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। इस खताघर को पार्क बनाने का कार्य टू स्टेज समरसेर्बिल पम्प और टीले के उपर तक की पहुँच के लिये बनाये जाने के प्रस्ताव रैम्प के कार्य को प्राथमिकता से करवाने के लिये प्रयास करेगा। यह कुड़ा खताघर नगर निगम की संपत्ति है और यह प्रोजेक्ट पूर्व से ही स्वीकृत है। यह वही स्थान है जहां माहत्मा गांधी के आह्नान पर शहरवासियों ने नमक सत्याग्रह आन्दोलन के तहत नमक बनाया था।"

बैठक में चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल ने कहा कि "शास्त्रीपुरम जलाशय महानगर की अहम जरूरत है। इसक लिये सिकन्दरा राजवाह का पानी जो कि लगभग 20 क्यूसेक है, टेल पर उपलब्ध है। वर्तमान में इसे यमुना नदी में डिर्स्चाज किया जा रहा है और नहर में नियमों के विरूद्ध शास्त्रीपुरम के नाले का पानी डाला जा रहा है। पूर्व में मंडलायुक्त इस परियोजना पर अपनी स्वीकृति दे चुके हैं।" 

वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने कहा कि "महानगर में मानसून कालीन प्लांटटेशन के तहत इस बार रेडियेशनरोधी पौधों जैसे कि (केकटस, एलोवेरा, पान, स्पाईडर, सुपारी) का भी समावेश किया है। चैम्बर के द्वारा इन रेडियेशनरोधी इन प्लांटों की सूची एवं अन्य जानकारी एक पैम्पलेट के माध्यम से भी नागरिकों के बीच पहुँचायी जायेगी। साथ ही नगर निगम उद्यान विभाग व वन विभाग से भी रेडियेशनरोधी इन प्लांटों को लगाने के लिये सहयोग अपेक्षित किया गया है।" 

सूत्रों से ज्ञात हुआ कि आगरा जल निगम ने रूडकी यूनिवर्सिटी द्वारा एक सर्वे कराया कि रेहनकलां से यमुना तट पर 5 रैनीवेल, जिनकी क्षमता प्रति 2 करोड घन लीटर प्रतिदिन प्रति वैल है के हिसाब से प्रतिदिन 10 करोड घन जल दोहन होगा जिससे रेहनकलां के आगे युमना में जल नहीं आयेगा। चैम्बर द्वारा इस गहरी चिंता व्यक्त की गयी। चैम्बर द्वारा निर्णय लिया गया कि षीघ्र इसकी पूर्ण जानकारी प्राप्त कर आगे की रणनीति बनायी जायेगी। 

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पर्यावरण प्रकोष्ठ के चेयरमैन गोपाल खंडलेवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अगव्राल एवं सदस्य राहुल रमन, विनय मित्तल, अम्बा प्रसाद गर्ग, अपूर्व मित्तल, राजीव सक्सेना, केसी जैन, मुरारी लाल गोयल, सुशील बंसल, मनीष बंसल, जयकिशन गुप्ता उपस्थित रहे। 

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